जानिए कौन है विंग कमांडर मनीष सिंह, जो फ्रांस से राफेल उड़ाकर ला रहे भारत

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फ्रांस से आ रही राफेल को हिन्दुस्तान की धरती पर लैंड कराने वाले जांबाज जवानों में से एक बलिया जिला के बांसडीह तहसील क्षेत्र के बकवा गांव निवासी विंग कमांडर मनीष सिंह के गांव में जश्न का माहौल है। गांव के युवाओं ने जमकर पटाखे फोड़कर आतिशबाजी की और अपने गांव के लाल की शानदार उपलब्धि पर जश्न मनाया।

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बकवां गांव में खुशी का माहौल

वहीं, अखबारों और न्यूज़ चैनलों के माध्यम से जब बकवां गांव के लोगों को पता चला कि विंग कमांडर मनीष सिंह राफेल विमान को भारत लाने वाली टीम में शामिल है तो उनके गांव में खुशी का माहौल है। गांव के युवा मनीष को अपना प्रेरणास्त्रोत बताते हैं। लड़ाकू विमान राफेल लेकर मनीष के स्वदेश लौटने की सूचना मिलने के बाद गांव के उत्साही युवकों ने एक-दूसरे का मुंह मीठा कराकर खुशी का इजहार किया। फौजी मदन सिंह के पुत्र मनीष सिंह अपने भाई बहनों में सबसे बड़े हैं। गांव की गलियों से निकल कर विंग कमांडर तक पहुंचे मनीष की आरम्भिक शिक्षा गांव के एक निजी स्कूल नूतन शिक्षा निकेतन में हुई है।

2002 में इंडियन एयरफोर्स में पायलट हुए मनीष

छठवीं कक्षा तक गांव में पढ़ाई करने के बाद उनकी आगे की शिक्षा करनाल के कुंजपुरा स्थित सैनिक स्कूल से हुई, जहां इनके पिता सेना में सेवारत थे। मनीष सिंह भारतीय वायु सेना में वर्ष 2002 में बतौर पायलट शामिल हुए थे। अंबाला व जामनगर के बाद 2017-2018 में इनकी तैनाती गोरखपुर में थी। उस समय मनीष अपने गांव बकवां आए थे। फ्रांस से लड़ाकू विमान राफेल की डील के बाद मनीष को प्रशिक्षण के लिए सरकार ने फ्रांस भेजा था। इनके साथ अन्य विंग कमांडर भी रहे। चर्चित लड़ाकू विमान को फ्रांस से भारत लाने वाली टीम में शामिल होकर विंग कमांडर मनीष सिंह ने बलिया का नाम पूरे देश मे रौशन किया है।

Wing Commander Manish Singh Family

2014 में वृत्तिका सिंह से हुआ था विवाह

बता दें कि विंग कमांडर मनीष का विवाह वर्ष 2014 में लखनऊ की कंप्यूटर इंजीनियर वृत्तिका सिंह से हुआ था। इन्हें एक पुत्र केविन सिंह (7वर्ष) भी हैं। फ्रांस से रवानगी से पूर्व मनीष ने अपने पिता मदन सिंह को बताया कि वह शीघ्र ही राफेल लेकर भारत के लिए उड़ान भरने वाले हैं। पिता फौजी मदन सिंह व मां उर्मिला देवी ने कहा कि निश्चित रूप से बेटे की उपलब्धि न सिर्फ मेरे लिए बल्कि पूरे देश के लिए गर्व की बात है। पिता ने कहा कि देश की सेवा में मेरे बाद मेरा बेटा डटा हुआ है। यह सोचकर सिर गर्व से ऊंचा हो जाता है। वहीं छोटी बहनें प्रियंका व अंकिता भी बड़े भाई की उपलब्धि पर काफी खुश नजर आईं।

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